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भारंगम में रंगतलाशी

भारंगम में रंगतलाशी
    अमितेश कुमार   अमितेश का रंगमंच और फिल्‍मों से पुराना नाता है. बचपन का. देखते-देखते कला को परखने की आदत पड़ गई. बेशक कला की इनकी परख धुरंधर आलोचकों और... 

प्रेमिका के तेजाब से उपजे सवाल

प्रेमिका के तेजाब से उपजे सवाल
  शफीकुर्रहमान ख़ान   पिछले रविवार को एक अनहोनी सी घटना घटी जो हमेशा की तरह एक नयी बहस जनम दे गयी. आनंद विहार में 25 वर्षीय युवती ने अपने प्रेमी पर तेज़ाब फ़ेंक... 

चल हट, पार्लियामेंट में नो कोल्‍ड ड्रिंक्‍स

चल हट, पार्लियामेंट में नो कोल्‍ड ड्रिंक्‍स
आशीष कुमार अंशु एक वह वर्ग जो देश में शासन करता है, कहने को तो वह लोकतंत्र में जनता का सेवक है लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। वह देश को उंगलियों पर... 

अन्ना आप इरोम का साथ अनशन पर बैठोगे ?

अन्ना आप इरोम का साथ अनशन पर बैठोगे ?
  कामायनी बाली महाबल कामयानी की ये कविता स्‍वरा पर प्रकाशित हुई थी, जिसे उन्‍होंने अपने फेसबुक नोट में भी प्रकाशित किया है. हमने इसे उनके फेसबुक नोट से लिया... 

अरुंधति, अब तुमसे ज्‍़यादा ग्‍लैमरस ये ‘संत’ है

अरुंधति, अब तुमसे ज्‍़यादा ग्‍लैमरस ये 'संत' है
  अदम्‍य   वे अब अरुंधति रॉय को प्यार नहीं करते। “ताजा-ताजा गढ़े गए संत” के “भक्त” अरुंधति को प्यार कैसे ? उनके लिए अरुंधति अब कांग्रेस के लिए इस्तेमाल... 

किसका अन्‍ना कैसी आजादी

किसका अन्‍ना कैसी आजादी
अदम्‍य प्रस्‍तुत आलेख कल सरोकार पर प्रकाशित शबनम खान के लेख फेसबुक, पिज्‍जा और अन्‍ना पर प्रतिक्रिया स्‍वरूप सरोकार को भेजा गया है. अदम्‍य का कहना है कि... 

फेसबुक, पिज़्जा और अन्ना

फेसबुक, पिज़्जा और अन्ना
  शबनम ख़ान   शबनम खान की निगाहें अन्‍ना हजारे की अगुआई में हो रही हलचल पर थमी हुई हैं. उन्‍होंने टुकड़ों में अपनी राय सरोकार से साझा की है. कहा है, ‘माकूल... 

तबस्सुम ने जिस थाली में खाया उसी में छेद किया : भारती

तबस्सुम ने जिस थाली में खाया उसी में छेद किया : भारती
    1 जून को सरोकार पर सुश्री वाजिदा तबस्‍सुम की एक चिट्ठी आंदोलन की राह से भटकते एनजीओ ? प्रकाशित हुई थी, जिसमें उन्‍होंने ‘नैक्‍डोर’ और ‘कदम’ के साथ-साथ... 

आंदोलन की राह से भटकते एनजीओ ?

आंदोलन की राह से भटकते एनजीओ ?
संपादकीय नोट: बीती रात प्रकाशित इस पोस्‍ट को आज दिन में सस्‍पेंड कर दिया गया था. वजह सिर्फ इतनी थी सुश्री रजनी तिलक का कहना था कि क्‍योंकि यह सामान्‍य पत्र... 

छु्ट्टी न सम्‍मान और पैसे काट लेने की धमकी: राजधानी में घरेलू महिला कामगार

छु्ट्टी न सम्‍मान और पैसे काट लेने की धमकी: राजधानी में घरेलू महिला कामगार
  संवाददाता   अंतर्राष्‍ट्रीय मजदूर दिवस, पहली मई को उत्तरी दिल्‍ली स्थित पत्राचार बस्‍ती में घरेलू कामगार महिलाओं का पहला सम्‍मेलन संपन्‍न हुआ. ‘नैशनल... 

लिनेश मोहन की ‘ख़ुदकुशी’: जातीय दुर्व्‍यवहार को एक और बलि

लिनेश मोहन की 'ख़ुदकुशी': जातीय दुर्व्‍यवहार को एक और बलि
गुरिन्‍दर सिंह आज़ाद   लिनेश मोहन की तस्‍वीर के साथ न्‍याय के लिए प्रतिरोध करते छात्र हमारा एक और छात्र चला गया. ऊंचे लोगों के सिस्टम ने उसे निगल लिया !... 

भागो, अन्ना पीछे हैं

भागो, अन्ना पीछे हैं
फरमिना मुक्‍ता सिंह   चेतन भगत के बाएं हाँथ पे लिखा है ‘मेरा नेता चोर है’. देखकर अंग्रेज़ी की एक कहावत याद आ गई. ‘डेमोक्रेसी इज़ अ प्रोसेस व्‍हेयर यु... 

राशन व्यवस्था में सुधार के लिए हस्‍ताक्षर अभियान

राशन व्यवस्था में सुधार के लिए हस्‍ताक्षर अभियान
सदरे आलम   जनसभा दिल्ली/ राशन के बदले पैसा देने की सरकार की योजना के खिलाफ लोगों का विरोध जारी है, बस्ती स्तर पर छोटी-छोटी बैठकें की जा रही हैं। इसी संदर्भ... 

मल्टीस्टोरी मज़दूर आवास की सत्‍यकथा

मल्टीस्टोरी मज़दूर आवास की सत्‍यकथा
सदरे आलम दिल्‍ली की एक झोपड़पट्टी में छांव की आस में छतरी खोलती बच्‍ची शहर दिल्ली हो या फिर मुम्बई अपनी जमीन, अपना घर, अपना फ्लैट यह सब आम आदमी के सपनों... 

वेश्यावृत्ति में धकेलता वस्त्र उद्योग

वेश्यावृत्ति में धकेलता वस्त्र उद्योग
शफीक उर रहमान खान ओखला की एक बस्‍ती में वस्‍त्र उद्योग कर्मचारियों के साथ इंपॉवरिंग पीपुल के कार्यकर्ता बातचीत करते हुए दुनिया के सबसे पुराने व्यवसाय एवं... 

ये अनाम प्रवासी

ये अनाम प्रवासी
नरेश कुमार शाम के तीन बजे के बाद आप कमला नेहरू कॉलेज के पास खड़े हों। तलाश आॅटो रिक्शा की हो। बमुश्किल मिलेगा। कई मर्तबा आधे घंटे इंतजार के बाद भी। तीन-चार... 
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