You are here: Home //
किसान/Farmer
गिरीन्द्र नाथ झा
नहर, खेत, पगडंडी, गाछ-वृक्ष, चिडियों की आवाजें, बरसात में माटी की सुगंध, धनरोपनी के वक्त कादो से सने रोपनी करते लोगों के पैर..। आप समझ रहे होंगे...
Tags:
Cash Crop,
Farmers,
Farming,
Girindranath Jha,
Kosi,
Market Farming,
Migration of Farmers,
Purnea,
किसानी,
किसानों का पलायन,
कोसी,
खेती,
गिरीन्द्र नाथ झा,
नकदी खेती,
पुर्णिया,
बाजार,
मार्केट फार्मिंग