You are here: Home // विस्‍थापन/Displacement

उजाड़ दी बस्ती, बसाओगे कब?

उजाड़ दी बस्ती, बसाओगे कब?
    अंजुले श्याम मौर्य  ‘जब तक बच्चे रोते नहीं..चीखते-चिल्लाते नहीं, ये माएं उन्हें दूध भी नहीं पिलातीं. इसलिए उठो अपने हक़ के लिए लड़ो. वरना तुम्हें तुम्हारा... 

मुंबई में बस्‍ती विध्‍वंस के चंद साक्ष्‍य

मुंबई में बस्‍ती विध्‍वंस के चंद साक्ष्‍य
  मुंबई में शहर बनाने वाले कहते रह गए ‘हम नहीं हटेंगे, बिल्‍डर को हटाएंगे’ पर लाख प्रतिबद्धता के बाद भी सरकार ने बिल्‍डरों के लिए उनकी बस्‍ती को मटियामेट... 

विश्‍व बैंक के लोकपाल ने किया GMR के खिलाफ़ शिकायत स्‍वीकार

विश्‍व बैंक के लोकपाल ने किया GMR के खिलाफ़ शिकायत स्‍वीकार
  बिपिन चंद्र चतुर्वेदी नयी दिल्ली: शिकायत दर्ज करने के तीन सप्ताह के बाद, विश्व बैंक की निजी क्षेत्र की शाखा, इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरशन (आईएफसी) की एक स्वतंत्र... 

झारखंड में लगी आग: पानी से नहीं आग से इसको बुझाइए

झारखंड में लगी आग: पानी से नहीं आग से इसको बुझाइए
  दयामणि बारला   फुटपाथ से दुकानदारों को हटाने  तथा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर झारखंड के ग़रीबों, आदिवासियों और  झुग्गीवासियों पर प्रशासन... 

पुनर्वासोपरान्‍त शिक्षा

पुनर्वासोपरान्‍त शिक्षा
सदरे आलम यंग आर्टिस्‍ट फोरम द्वारा बच्‍चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने की कोशिश तथाकथित नवीनीकरण की होड़ में दिल्ली को सजाने संवारने की कोशिश वैश्वीकरण... 

मल्टीस्टोरी मज़दूर आवास की सत्‍यकथा

मल्टीस्टोरी मज़दूर आवास की सत्‍यकथा
सदरे आलम दिल्‍ली की एक झोपड़पट्टी में छांव की आस में छतरी खोलती बच्‍ची शहर दिल्ली हो या फिर मुम्बई अपनी जमीन, अपना घर, अपना फ्लैट यह सब आम आदमी के सपनों... 

जैतापुर की जनता पर थोपा जा रहा है परमाणु ऊर्जा संयंत्र

जैतापुर की जनता पर थोपा जा रहा है परमाणु ऊर्जा संयंत्र
कल झारखंड से दयामणि बारला जी ने आदिवासियों की जमीनों और उनके संसाधनों पर जबरिया बांध बनाने की रपट सरोकार पर साझा‍‍ किया था. आज आशीष कुमार ‘अंशू’ साझा कर... 

कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स की इंसानी क़ीमत

कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स की इंसानी क़ीमत
बिपिनचन्‍द्र चतुर्वेदी यह लेख हाउसिंग ऐण्‍ड लैंड राइट्स नेटवर्क (एचएलआरएन) द्वारा हाल में जारी एक रिपोर्ट के आधार पर सरोकार के लिए खास तौर से तैयार किया... 

शहर बनाने वाले बेघर क्‍यों ?

शहर बनाने वाले बेघर क्‍यों ?
सदरे आलम आज दिल्ली की कुल आबादी लगभग 1 करोड़ 40 लाख है। इसका बहुत बड़ा हिस्सा सरकार की नज़र में अवैध तरीके से दिल्ली में रहता है। सरकार द्वारा घोषित अवैध आवास का... 

ये अनाम प्रवासी

ये अनाम प्रवासी
नरेश कुमार शाम के तीन बजे के बाद आप कमला नेहरू कॉलेज के पास खड़े हों। तलाश आॅटो रिक्शा की हो। बमुश्किल मिलेगा। कई मर्तबा आधे घंटे इंतजार के बाद भी। तीन-चार... 

इंडिया बुला लिया … इंडिया भुला दिया!

इंडिया बुला लिया ... इंडिया भुला दिया!
राकेश कुमार सिंह कॉमनवेल्थ खेलों से पहले भारत की राष्ट्रीय मीडिया की परेशानी का सबस मुझे भली-भांति याद है! स्टेडियमों के अधूरे निर्माण, सड़कों की खस्ताहाली,... 

अमेरिका में बेघर होने के मायने

अशोक ओझा अमेरिका को अमीरी/अमीरों का देश समझने की ग़प़फलत में लगभग पूरी दुनिया पफंसी हुई है। वजह है रंगारंग इमेज की वह चकाचैंध्, जो अमेरिका के अंध्ेरे कोनों... 
कॉपीराइट © 2011 सरोकार. सर्वाधिकार सुरक्षित।

तकनीकी सहयोग शैलेश भारतवासी, नन्‍दीप माली.