You are here: Home // रंगमंच/Theatre
जीवंत हुआ ‘मोहनदास’
युग के अंधापन की कथा नहीं कह पाया यह ‘अंधा युग’
इतिहास बने के कगार पर पहुंच गइल लौंडा नाच
भारंगम में रंगतलाशी
वक्त के औराक़ बनते हंसी के अलंबरदार
एम. अफसर खां सागर
किसी विचारक ने कहा है कि ‘व्यक्ति को अगर जीवन में सफल होना है तो आम जिन्दगी में एक कलाकार की तरह अभिनय करे औैर जब रंगमंच के स्टेज पर...
Tags: Indian Folk Tradition, एम अफसर खां सागर, कैमूर, परंपरा, पूर्वांचल, बनारस, बहरुपिया, बिहार, लोक कला, स्वांग
ग्लोबल लोक कलाकार भिखारी ठाकुर
भारतेन्दु नाट्य अकादमी में छात्र-हड़ताल
मचान:प्रयोग और सहभागिता से उभरा थियेटर
मुन्ना पांडे
एक समय रंगजगत पर बादल सरकार ने तीसरे रंगमंच से रंगजगत का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया था. पर हमारे इस चौथे किस्म के रंगमंच का आधार कोई थ्योरी...
Tags: Akhtar brothers, India, Machan, Munna pandey, North India, patna, roof top theatre, theatre, अख्तर बंधु, उत्तर भारत, थिएटर, पटना, भारत, मचान थिएटर, मुन्ना पांडे
याद-ए-जुलिआनो …
प्रकाश के रे
तीस अप्रैल की शाम राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय दिल्ली के सम्मुख सभागार में जाने-माने फ़लस्तीनी-इज़रायली फ़िल्मकार और नाटककार जुलिआनो मेर ख़मीस...
Tags: जुलियानो, प्रकाश कुमार रे
कुछ गुमान था जो रह गया
अपने-अपने बिम्ब
चैनलों की फुसफास
बंबई में लियोपोल्ड कैफे में शिवसेना की हुड़दंग पर विनीत ने आज एक पोस्ट लिखा है. कुछ तकनीकी दिक्कत की वजह से मेरी राय वहां पोस्ट नहीं हो पा रही है, लिहाज़ा...





