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फ्रैंक हुजुर की दूसरी पेशकश: इमरान खान: द फाइटर

फ्रैंक हुजुर की दूसरी पेशकश: इमरान खान: द फाइटर
राकेश कुमार सिंह फ्रैंक हुजुर आपने बचपन में किसी के बारे में सोचा, आप कब उससे दिल लगा बैठे, आपको पता भी न चला. जरा सोचिए, जवानी में आपको अपनी वही बचपन वाली महबूबा... 

Imran Is The Most Popular Voice Outside The Pak Parliament: Frank Huzur

Imran Is The Most Popular Voice Outside The Pak Parliament: Frank Huzur
  Imran Versus Imran: The Untold Story is surprising lovers and watchers of the legendary cricketer-turned-enigmatic politician with a train load of untold stories. It is a heavy cocktail of romance, politics, cricket, scandal and philanthropy. Enter the world of Imran Khan Niazi’s heart, soul and mind through the eyes of Frank Huzur. Here is the re-production of a recent interview... 

एक क़दम सूरज की ओर

एक क़दम सूरज की ओर
  भाश्वती घोष   यह पुस्‍तक समीक्षा पहले The Asia Writes Project में अंग्रेज़ी में प्रकाशित हो चुकी है. भाश्‍वती घोष मूलत: अंग्रेज़ी और बांग्‍ला में लिखाई-पढाई करती हैं.... 

विपन ऑफ दि ऑप्रेस्डः एन इनवेंटरी ऑफ पिपुल्स राइट्स इन इंडिया, 4/3/2011

विपन ऑफ दि ऑप्रेस्डः एन इनवेंटरी ऑफ पिपुल्स राइट्स इन इंडिया, 4/3/2011
मनोरंजन मोहंती, के बी सक्सेना, गिलबर्ट सेबास्टियन एवं प्रशांत त्रिवेदी द्वारा लिखित पुस्तक विपन ऑफ दि ऑप्रेस्डः एन इनवेंटरी ऑफ पिपुल्स राइट्स इन इंडिया के... 

पुस्‍तक अंश : मीडिया, माफिया और आरक्षण

पुस्‍तक अंश : मीडिया, माफिया और आरक्षण
मीडिया के तमाम विधाओं में दशकों तक हस्‍ताक्षर रहे दिलीप मंडल जी आजकल भारतीय जनसंचार संस्‍थान में अध्‍यापन कर रहे हैं. पत्रकारिता को जारी है ही. हाल ही में... 

द आइपीएल स्‍टोरी: क्रिकेट, ग्‍लैमर ऐण्‍ड बिग मनी

द आइपीएल स्‍टोरी: क्रिकेट, ग्‍लैमर ऐण्‍ड बिग मनी
प्रभात शुंगलू एयर फोर्स स्‍कूल, नयी दिल्‍ली के प्रॉडक्‍ट अभिषेक दुबे ने अपनी आगे की पढाई दिल्‍ली युनिवर्सिटी से की. दिल्‍ली युनिवर्सिटी में जेंडर स्‍टडीज़... 

ओ सजना बरखा बहार आई….लता के मधुर स्वरों की फुहार जब बरसी शैलेन्द्र के बोलों में

ओ सजना बरखा बहार आई....लता के मधुर स्वरों की फुहार जब बरसी शैलेन्द्र के बोलों में
‘ओल्ड इज़ गोल्ड’ पर जारी है शृंखला “शैलेन्द्र- आर.के.फ़िल्म्स के इतर भी”। आज का जो गीत हमने चुना है वह कोई दार्शनिक गीत नहीं है, बल्कि एक बहुत ही नमर-ओ-नाज़ुक... 
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